Comments

  1. आदरणीय संपादक महोदय आपकी वेबसाईट पर प्रकाशित रचना ”पिंजरे के पंछी” मेरे द्वारा रचित रचना है जिसे मेरी अनुमति के बिना आपकी वेबसाईट पर प्रकाशित किया गया है, उक्त रचना मेरे नाम के साथ राष्ट्रीय अखबार ”राजस्थान पत्रिका मे प्रकाशित हो चुकी है, साथ ही मेरे ब्लॉग एवं हिन्दी साहित्यिक मंच प्रतिलिपि पर भी प्रकाशित हो चुकी है। अतः उक्त रचना को तुरंत अपनी वेबसाईट से हटायें अन्यथा मेरे द्वारा कानूनी कार्यवाही कि जाएगी।

    • Ye Poem Maine likhi hai. Aap pahle पढ़िए,.
      http://www.dolafz.com/heart-touching-hindi-poem-2/

      Main khud poem likhti Hun aur date registered karvati hoon.

      • आदरणीय महोदया मैं कविता की बात नहीं कर रहा मैं ”पिंजरे के पंछी’ कहानी कि बात कर रहा हूँ। ये कहानी मैंने लिखी है जो 14 जुलाई 2019 को पत्रिका अखबार मे प्रकाशित हुई है। आप इस लिंक से पर क्लिक करके पड़ सकती हैं : http://www.sifarnama.in/2019/07/story-publish-in-patrika.html
        इसके अलावा ये कहानी मेरे ब्लॉग : http://www.sifarnama.in/2018/09/story-pinjreke-panchi.html
        प्रतिलिपि वेबसाईट : hindi.pratilipi.com/story/पिंजरे-के-पंछी-4pjxhx8y7wnz
        नज़रिया नाउ वेबसाईट : http://www.nazariyanow.com/2018/02/Pinje-ke-Panchhi.html
        के साथ अन्य कई वेबसाइट और मैगजीन मे मैरे नाम के साथ प्रकाशित हो चुकी है। बिना लेखक अनुमति किसी कि रचना को प्रकाशित करना और लेखक के नाम बदले अपने नाम से प्रकाशित करना नैतिक एवं कानूनी रूप से अनुचित है । अतः आपसे निवेदन है कि या तो आप मेरी कहानी को अपनी वेबसाईट से हटायें या इसमे लेखक के रूप मे मेरा नाम लिखकर प्रकाशित करें। आपके उत्तर कि प्रतीक्षा है ।
        सादर – शहाब ख़ान ”सिफ़र”

  2. आदरणीय महोदया, कई बार आपको सूचित करने के बाद भी अभी तक आपके द्वारा मेरी मूल रचना को अपनी वेबसाइट हटाया नहीं गया है और न ही उसमे लेखक के रूप मे मेरा नाम लिखा है, किसी रचना को बिना लेखक कि अनुमति के लेखक के नाम कि जगह अपने नाम से प्रकाशित करना नैतिक और वैधानिक रूप से अनुचित है

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