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ज्ञान का असली उपयोग The real use of knowledge Hindi Story

ज्ञान का असली उपयोग

The real use of knowledge Hindi Story

ज्ञान का असली उपयोग The real use of knowledge Hindi Story

ज्ञान का असली उपयोग The real use of knowledge Hindi Story

बहुत पुरानी बात है एक वैद्य थे जिनका नाम था, आचार्य नागार्जुन। वे आयुर्वेद के बड़े विख्यात गुरु थे। उनसे शिक्षा ग्रहण करने दूर दूर से शिष्य आते थे।

एक दिन उनके पास दो शिष्य आये, वे उनसे शिक्षा ग्रहण करना चाहते थे।

आचार्य नागार्जुन ने कहा- तुम्हे अपना शिष्य बनाने से पहले में तुम्हारी योग्यता की परख करूँगा।

उन्होंने कहा – तुम दोनों पहाड़ पर जाओ वहाँ से दर्दनाशक बूटी ओर बुखार की दवा लेकर आओ। दवा की पहचान आचार्य जी ने उन्हें बता दी। दोनों शिष्य पहाड़ पर गये एक दर्दनाशक बूटी ओर एक बुखार की दवा लेकर वापस चल दिये ।

शाम को जब दोनों शिष्य अपनी अपनी दवा की बूटी लेकर वापस आ रहे थे, तभी रास्ते मे उन्हें एक व्यक्ति मिला जो बुखार से परेशान था । दोनों शिष्य उस व्यक्ति के पास गये।

उन्होंने पूछा- आपको क्या हुआ है?

उसने कहा- मुझे दो दिन से तेज बुखार है ओर मेरे पास पैसा भी नहीं है कि मैं वैद्य को दिखा सकूँ । एक शिष्य ने जिसके पास बुखार की दवा थी, उसने वह दवा उस व्यक्ति को दे दी। दूसरे शिष्य को यह देखकर बहुत ग़ुस्सा आया।

वह अपने साथी से बोला- तुम आचार्य जी के आदेश का उल्लंघन कर रहे हो।

दोनों शिष्य आगे बढ़े, उन्हें रास्ते मे फिर से एक बच्चा मिला, उसके पैर में चोट लगी थी , उसे बहुत तेज दर्द हो रहा था लेकिन दूसरे शिष्य ने उसे वह बूटी नहीं दी बच्चे को वैसे ही रोता छोड़ दिया।

रात होने से पहले दोनों शिष्य आचार्यजी के पास पहुंच गये। एक शिष्य ने आचार्यजी को दर्द की दवा सोंप दी , मगर दूसरा शिष्य खाली हाथ था। उसने रास्ते की पूरी बात बता दी।

आचार्यजी ने उसकी पूरी बात सुनी ऒर कहा- कोई भी शिक्षा तभी असली शिक्षा होती है, जब उसका सही तरह से उपयोग किया जाये । तुमने साबित कर दिया कि तुम मुझसे शिक्षा ग्रहण करने के सच्चे अधिकारी हो।

इस तरह नागार्जुन ने उसे अपना शिष्य बना लिया जबकि दूसरे शिष्य को वापस भेज दिया।

दोस्तो इस कहानी से हमें  शिक्षा मिलती है कि हमें न केवल ज्ञान प्राप्त करना है, बल्कि उसका सही उपयोग भी करना है। सबसे ज्यादा जरूरी है कि हमारे अंदर इंसानियत का होना, जब हमारे अंदर इंसानियत होगी तभी हम अपने ज्ञान का सही उपयोग कर पाएंगे। सिर्फ ज्ञान प्राप्त करने से कोई भी इंसान महान नहीं बन सकता। इंसान महान बनता है ज्ञान का सही समय पर सही उपयोग करने से ।

 

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