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खेल-खेल में आविष्कार । Motivational Hindi story of Charles dero

खेल-खेल में आविष्कार ।

Motivational Hindi story of Charles dero

खेल-खेल में आविष्कार । Motivational Hindi story of Charles dero

खेल-खेल में आविष्कार । Motivational Hindi story of Charles dero

साल–1929 की मंदी की मार अनेक लोगों पर पड़ी। बड़े-बड़े उद्योगपति दिवालिये हुए तो कुछ लोगों के रोजगार छूट गये।

चार्ल्स डेरों भी ऐसे ही लोगों में से एक थे।

एक बार उनके सभी मित्र एकसाथ बैठकर अपनी-अपनी परेशानियों के बारे में एकदूसरे से बात कर रहे थे ।

तभी अचानक डेरों का एक मित्र बोला, अब तो हमारे पास कुछ बचा ही नहीं है ।

 

चलों आज एक खेल खेलते है। जिसमे हम खुदको ऐसा दिखायेंगें कि हम बहुत ही ज्यादा अमीर है ।

इससे हमारी चिंता और हमारा तनाव कुछ देर के लिये कम हो जायेगा ।

 

अपने मित्र की बात सुनकर चार्ल्स डेरों ख़ुशी से उछल पड़े । 

और खुश होकर चुटकी बजाते हुए कहा –  अब अपना अपना धन इसी खेल के माध्यम से ही बापस प्राप्त कर पाएंगे

और एकबार फिर समृद्ध और संपन्न बनकर दिखायेंगे ।

 

चार्ल्स की यह बात सुनकर उनके दोस्तों को लगा कि, मंदी की मार का असर उनके दिमाग पर भी हो गया है । 

मित्र उन पर व्यंग्य करने लगे । लेकिन चार्ल्स पर उनकी बातों का कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

 

यह आइडिया उनको पसंद आया और वे अपने काम में जुट गये ।

 

वे सचमुच एक ऐसा खेल बनाने की कोशिश करने लगे कि जिसमें खिलाडी को यह अहसास हो

कि वे एक कारोवार कर रहे है और उसके जरिये धन कमा कर अमीर हो गये है ।

 

आखिर उनका कड़ा परिश्रम और संघर्ष रंग लाया । उन्होंने एक ऐसा वोर्ड गेम बनाया जिससे लोगों को यह महसूस हो

कि वे धनी हैं।

 

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इस खेल को मनॉपली नाम दिया गया । सबके मना करने के बाबजूद उन्होंने इस खेल को बाजार में उतारा ।

उनके तमाम मित्र  उस वक्त आश्चर्यचकित रह गये ।

 

जब उन्हें पता चला कि चार्ल्स डेरों द्वारा बनाये गये मनॉपली खेल के 20 हजार यूनिट एक साल के अंदर ही बिक गये ।

और चार्ल्स खेल-खेल में खेल का आविष्कार करके वास्तव में अमीर बन गये है ।

 

इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि कब क्या होगा ये कोई नहीं जानता । एक छोटे से विचार को  अगर सही दिशा दी जाए

तो उसमें भी असीमित सम्भावनाएँ छिपी होती हैं ।

सच तो यह है कि जब कोई काम लगन से किया जाता है तो सफलता जरुर मिलती है ।   

 

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