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जो भी करें अपनी ख़ुशी के लिए करें प्रेरणादायक लेख Hindi article on your happiness

जो भी करें अपनी ख़ुशी के लिए करें प्रेरणादायक लेख

Hindi article on your happiness

जो भी करें अपनी ख़ुशी के लिए करें प्रेरणादायक लेख Hindi article on your happiness

जो भी करें अपनी ख़ुशी के लिए करें प्रेरणादायक लेख Hindi article on your happiness

 

ख़ुशी प्रसन्नता आनंद ये सब हमारे जीवन में बहुत आवश्यक हैं। आज जिस Topic के बारे में मैं बात कर रही हूँ, वो एक Selfish Type का Topic है।

मैं खुद भी इस बात पर भरोसा नहीं करती थी, बल्कि  मैं खुद भी यही सोचती थी कि कोई इतना Selfish कैसे हो सकता है कि हमेशा अपने बारे में सोचे जो करे अपनी ख़ुशी के लिए करे। क्योंकि मैं इस बात की गहराई को नहीं समझती थी, इसके अन्दर छिपी सच्चाई को नहीं समझती थी।

धीरे वक़्त गुजरता गया और समझ आने लगा जब तक हम खुद खुश नहीं हैं दुसरो को ख़ुशी कैसे दे पाएंगे।

एक पुरानी कहावत है।

जब तक हम खुद अपने पैरों पैर खड़े नहीं हो पाते, दूसरों को सहारा नहीं दे सकते हैं, ठीक उसी तरह जो चीज़ हमारे पास है ही नहीं औरों को कैसे देंगे।”

जब भी आप कोई काम दूसरों को ख़ुशी देने के लिये करते हैं उसमें आपकी कोई ख़ुशी नहीं होती। तब आपके अन्दर एक एहसान की भावना उत्पन्न होती है कि मैंने ये आपकी  ख़ुशी के लिये किया।

जब ये भावना हमारे मन में आती है तो हम सामने वाले से भी यही उम्मीद करने लगते हैं। कि वह भी हमारे लिए ऐसा ही कुछ करे। मगर हर इन्सान का स्वभाव अलग होता है।

जब आपके Expectation पूरे नहीं होते, तो आप दुखी हो जाते हैं। कई बार तो आप दूसरों की ख़ुशी के लिये उन्हें अपनी Capacity से ज्यादा महंगे गिफ्ट देते है। उनके ऊपर पर पैसे खर्च करते हैं, और जब आपको बदले में वही सब नहीं मिलता तो आप फिर से दुखी हो जाते हैं।

Actual में हम करते अपनी ख़ुशी के लिए ही हैं, लेकिन हमें ये पता ही नहीं होता। और उसका एहसान हम दूसरों पर थोपते हैं। सच ये है, जब आप किसी के लिये कुछ भी करते हैं तो उसमें या तो आपका कोई स्वार्थ होता है या आपकी ख़ुशी होती है।

जब आप किसी की मदद करते तो आपको उससे ख़ुशी मिलती है, इसलिये आप मदद करते हैं, लेकिन हमने अपनी सोच बना ली है कि मैंने उसकी मदद की, अब उसे भी मेरी मदद करनी चाहिए।

Friends, हमारे जीवन में वाकई कई काम ऐसे हैं, जो हमें दूसरों की ख़ुशी के लिए करने होते हैं। तब भी उन कामों को खुश होकर करना है, अपना मन बना लेना है उस काम को करने  की वजह ढूढ़नी है। और जब आप वो काम अपनी ख़ुशी के लिये करेंगे तो आप खुश रहेंगे।

कभी भी अपनी छोटी-छोटी इच्छाओं को मत मारें, क्यों कि आगे चलकर वो Frustration का रूप ले लेती हैं। और एक Frustrated इन्सान कभी किसी को ख़ुशी नहीं दे सकता। अपनी पसंद का ख्याल रखें, Enjoy करें। इतना भी दूसरों के बारे मत सोचें कि खुद को ही भूल जायें।

बस याद रहे आप जो भी करें, वह सही हो और उसका रास्ता भी सही हो। जो भी करें अपनी Capacity के अनुसार करें, दूसरों को दिखाने के लिये नहीं।

खुश रहकर सबको खुशियाँ बाँटे।

First fill up yourself with happiness then spread it around you.

 

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Comments

  1. बहुत ही अच्छी पोस्ट । ऐसे ही पोस्ट डालते रहिए और हमारा ज्ञान बढ़ाते रहिए।

  2. आपका स्वागत है। वैसे पोस्ट को बहुत ही Interested बनाया है अपने।

  3. पहले मई भी इसे सेल्फिश समझती थी | पर सच यही है की जब तक हम अन्दर से खुश नहीं है तब तक दुसरे को खुशी दे नहीं सकते | और अगर देते भी है तो बदले में कुछ उससे भी एक्स्पेक्ट करते है |

  4. Sayyed Jahangir says:

    Very nice

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