Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

Inspiratinal Short Story of Sudha Murthy in Hindi

Inspiratinal Short Story of Sudha Murthy in Hindi

Inspiratinal Short Story of Sudha Murthy in Hindi

Inspiratinal Short Story of Sudha Murthy in Hindi

Sudha Murthy
Born Sudha Kulkarni
19 August 1950 (age 66)
Shiggaon, Karnataka, India
Residence Bangalore, Karnataka, India
Citizenship Indian
Alma mater BVB College of Engineering
Indian Institute of Science
Occupation Chairperson, Infosys Foundation
Spouse(s) N.R. Narayana Murthy

 

सन् १९७४ कि बात है। टेल्को नाम की एक कंपनी में कंप्यूटर सम्बन्धी नौकरी के लिए जगह खाली थी, जिसके लिए टेल्को कंपनी के अध्यक्ष टाटा टेल्को ने एक विज्ञापन प्रकाशित किया।

एक लड़की जो कि कंप्यूटर से ग्रेजुएट थी। उसने यह विज्ञापन देखा और बहुत निराश हुई। क्यूंकि उस विज्ञापन में लिखा था कि केवल पुरुष ही आवेदन कर सकते हैं। वह हमेशा अपनी कक्षा में प्रथम आई थी। उसे यह बात बहुत बुरी लगी कि आखिर इस पोस्ट के लिए महिला क्यूँ आवेदन नहीं कर सकती।

उस लड़की ने सोचा कि यह तो लिंग भेद को बढ़ावा देना हुआ। मेरे पास अनिवार्य शिक्षा और योग्यता होने के वावजूद मैं आवेदन नहीं कर सकती क्यों कि मैं एक महिला हूँ।

आखिरकार उस लड़की ने निर्णय लिया कि वह इस कंपनी में इस बात की शिकायत जरुर करेगी। उसी समय उसने एक पोस्ट कार्ड लिया और कंपनी के अध्यक्ष को लिखा।

टाटा जैसी प्रगतिशील कम्पनी यह पाबंदी किस आधार पर लगा सकती हैं कि केवल पुरुष ही तकनीकी अधिकारी पद के लिये आवेदन करें, महिलाओं को आप कैसे इस पद के आवेदन के लिए वंचित रख सकते हैं।

आज के दौर में महिला हर वो काम कर सकती है जो पुरुष कर सकते हैं। चाहे वह शिक्षा हो या नौकरी आज महिलाएं किसी काम में पीछे नहीं हैं। वह अपनी प्रतिभा के द्वारा मुश्किल से मुश्किल काम भी कर सकती हैं। मेरा मानना है कि आपको ये भेद नहीं करना चाहिए महिलाओं को भी आवेदन करने का अधिकार देना चाहिए।

उस लड़की का वह पोस्ट कार्ड कंपनी में पहुंचा। सभी ने उस पोस्ट कार्ड को पढ़ा और कंपनी के अध्यक्ष के पास पहुंचा दिया। अध्यक्ष जेआरडी टाटा ने पोस्ट कार्ड पढ़ते ही उस लड़की को इंटरव्यू के लिए बुला लिया।

वह लड़की बहुत खुश हुई और उसने न सिर्फ इंटरव्यू दिया बल्कि उसे पास भी किया। वह कम्पनी की पहली महिला तकनीकी अधिकारी बनी।

आज हम इस प्रतिभाशाली लड़की को सुधा मूर्ति के नाम से जानते हैं। सुधा मूर्ति पहले सुधा कुलकर्णी थी। उन्होंने आईटी उधोगपति नारायण मूर्ति से विवाह किया व उनकी सफलता में महत्वपूर्ण योगदान भी दिया।

आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं और अपनी मेहनत और लगन से हर वो काम करने में सक्षम हैं जो पुरुष कर सकते हैं।

Friends अगर आपको ये Post Story of Sudha Murthy in Hindi पसंद आई हो तो आप इसे Share कर सकते हैं और Comment भी कर सकते हैं।

FOR VISIT MY YOUTUBE CHANNEL

CLICK HERE

ये भी जरुर पढ़े :-

अब्राहिम लिंकन का सरल स्वभाव

ताली एक हाथ से नहीं बजती

रंग लाई ईमानदारी


DoLafz की नयी पोस्ट ईमेल में प्राप्त करने के लिए Sign Up करें

Trackbacks

  1. […] एक लड़की के साहस की कहानी […]

  2. […] एक लड़की के साहस की कहानी […]

Speak Your Mind

*