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यूँ ही बेसबब न फिरा करो ।। Hindi Shayari of Basheer Badra

यूँ ही बेसबब न फिरा करो ।। Hindi Shayari of Basheer Badra Written by "Basheer Badra"   यूँ ही बे-सबब न फिरा करो, कोई शाम घर में भी रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है, उसे … [Read more...]

कब ख़ामोशी जुबाँ बन गई हिंदी शायरी Best Hindi shayari

कब ख़ामोशी जुबाँ बन गई हिंदी शायरी Best Hindi shayari कब ख़ामोशी, जुबां बन गई मैं क्या थी, आज क्या बन गई चलते चलते, मैं खुद रास्ता बन गई जागते- जागते, रात सुबह बन गई   बैठे … [Read more...]