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वह कहता था वह सुनती थी अमृता प्रीतम Amrita Pritam Hindi Poetry

वह कहता था वह सुनती थी अमृता प्रीतम Amrita Pritam Hindi Poetry वह कहता था, वह सुनती थी, जारी था एक खेल कहने-सुनने का।   खेल में थी दो पर्चियाँ। एक में लिखा था *‘कहो’*, … [Read more...]

एक मुलाक़ात अमृता प्रीतम Hindi Poetry of Amrita Pritam

एक मुलाक़ात अमृता प्रीतम Hindi Poetry of Amrita Pritam मैं चुप शान्त और अडोल खड़ी थी सिर्फ पास बहते समुन्द्र में तूफान था…… फिर समुन्द्र को खुदा जाने क्या ख्याल आया उसने तूफान की एक … [Read more...]