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रूस के महान साहित्यकार दोस्तोयेव्स्की Short Hindi story on Fyodor Dostoevsky

रूस के महान साहित्यकार दोस्तोयेव्स्की

Short Hindi story on Fyodor Dostoevsky

रूस के महान साहित्यकार दोस्तोयेव्स्की Short Hindi story on Fyodor Dostoevsky

रूस के महान साहित्यकार दोस्तोयेव्स्की Short Hindi story on Fyodor Dostoevsky

फ्योदोर दोस्तोयेव्स्की रूस के एक महान साहित्यकार थे। उन्होंने कई प्रसिद्ध उपन्यास जैसे अपराध और दंड, द ब्रदर्स करमाजोव, द इडियट, पुअर फॉक,  द डबल,  अंकल्स ड्रीम,  द हॉउस ऑफ द डेड,  नोट्स फ्रॉम अंडरग्राउंड लिखे, जिसमें अपराध और दंड, अपराध और अपराधी हिंदी में भी उपलब्ध हैं।

दोस्तोयेव्स्कीका जन्म 1821 मास्को में हुआ था। उनका प्रारंभिक जीवन कठिनाइयों से भरा हुआ था। जब वो मात्र तेरह वर्ष के थे, उनकी माँ का निधन हो गया। उसके बाद उनके घर के नौकरों ने ही उनके पिता की हत्या कर दी। मुश्किलों से जूझते हुए उन्हें मिर्गी के दौरे पड़ने लगे।

एक दिन उन्हें मिर्गी का दौरा आया और उसी में उनकी दाईं आँख फूट गई। अब उनके साथ कोई नहीं था, माता-पिता की मृत्यु हो चुकी थी। उनके सामने न तो परिवार था ना ही कोई प्रेरणा।

एक दिन उन्हें मिलिट्री इंजीनियर की नौकरी मिल गई। उन्हें लेखन में विशेष रूचि थी। जब वो नौकरी कर रहे थे तब उन्हें बार बार लगता था कि उनकी मंजिल ये नौकरी नहीं कुछ और है।

लेखन में विशेष रूचि होने के कारण वे नौकरी के साथ- साथ लेखन भी करते थे, मगर नौकरी की वजह से उन्हें लेखन के लिए वक़्त नहीं मिलता था, इसलिये उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरे समय लेखन करने का फैसला किया।

उन्होंने अपना पहला उपन्यास ‘पुअर फोक’ लिखा, जोकि बहुत लोकप्रिय हुआ।

कुछ समय बाद ही परिस्थितियाँ इतनी विपरीत हुईं… उन पर क्रांतिकारी षड्यंत्र रचने का आरोप लगाकर उन्हें मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गयी, बाद में उनकी सजा माफ़ कर दी गई और उन्हें साइबेरिया की जेल में भेज दिया गया. उन्हें १० साल की सजा दी गई।

१० साल बाद जब वे जेल से छूटकर लेनिनग्राद आये, तो उन्होंने फिर से लिखने का निर्णय लिया। फिर से लिखना शुरू कर दिया।

गरीबी, ख़राब स्वास्थ्य  इतनी विषम प्रिश्थियों के बाबजूद उन्होंने लिखना नहीं छोड़ा, उन्होंने कई अमर कृतियाँ रची.

जब वो जेल में थे उन्होंने कैदियों को बहुत करीब से देखा और उनके जीवन के बारे में जाना…इसके वर्णन उन्होंने अपनी रचना ‘क्राइम एंड पनिशमेंट’ में मिलता है।

मनोवैज्ञानिक उपन्यास के जनक दोस्तोयेव्स्की पाठकों के ह्रदय को छूने में इसलिए सफल रहे क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में जो भी देखा था। उसी को अपने लेखन में उतारा।

उन्होंने सारी  दुनिया के सामने ये सिद्ध कर दिया कि यदि व्यक्ति चाहे तो मुश्किलों से लड़कर न सिर्फ अपने लिए ख़ास जगह बना सकता है, बल्कि सारी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत भी बन सकता है।

रूस के महान साहित्यकार दोस्तोयेव्स्की Short Hindi story on Fyodor Dostoevsky

दोस्तों अगर इंसान चाहे तो इस दुनिया में कुछ भी कर सकता है बस देर होती है उसे अपने आपको पहचानने में।

 

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Comments

  1. Hi
    Wha what a great poet
    Apney kamaal ka explain Kiya Haan taqlef to jindagi Bhar Hoti Haan Mar kar to Murda bhi beasar ho jata Haan
    Taqlef haan To jindagi Haan
    Apkey ye article bahut inspiring Haan . Apkey thoughts bahut +v inspiration detey Haan dear bhi lagta Haan
    Keep it up aisey articles sab ko inspire karttey Haan u r doing great thing
    God bless

  2. अच्छी स्टोरी है

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