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बालदिवस Short Hindi essay on Children’s Day

बालदिवस Short Hindi essay on Children’s Day

बालदिवस Short Hindi essay on Children's Day

बालदिवस Short Hindi essay on Children’s Day

पंडित जवाहरलाल नेहरु का जन्म 1889 को हुआ था।बाल दिवस को हम अंग्रेज़ी में Children’s Day भी कहते है।

इसके अलावा इसे हम नेहरु जयंती के रूप में भी मनाते है। यह हर वर्ष 14 नवम्बर के दिन मनाया जाता जाता है।

इसी दिन हमारे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु का जन्म दिवस भी होता है। नेहरू बच्चों से बहुर प्यार करते थे।

 

इसीलिए हम उनके जन्मदिन को बालदिवस के रूपमें मनाते है। इस दिन को हम बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाते है।

बालदिवस मनाने का मुख्य उदेद्श्य पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि देने के साथ ही साथ हमारे देश के बच्चों की बिगड़ी हुई स्थिति में सुधार लाना भी है।

उन्होंने बच्चों को इतना स्नेह दिया कि बच्चों ने उन्हें अपना चाचा बना लिया और वे इस तरह चाचा नेहरू कहलाने लगे।

 

यह दिन खासतौर पर स्कूल और कालेजों में मनाया जाता है। इस दिन स्कूल और कालेजों में भाषण होते है।

देशभक्ति गीत, कहानियां और बच्चों के नृत्य भी प्रस्तुत किये जाते है| जैसे नृत्य, नाटक गान इसके अलावा खेल

कूद सम्बन्धी प्रतियोगिता इत्यादि भी प्रस्तुत किए जाते हैं। आज के युग के हमारे बच्चे कल को हमारे देश का भविष्य होते हैं,

वे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं जिन्हें आज हम जिस रूप में ढाल देंगे उसी रूप को स्वीकार कर लेंगे।

 

1925 में पहलीवार इस बारें में सोचा गया हालाँकि 1945 में यह पूरी तरह लागू हो गया। इसमें बच्चों की सुरक्षा और कल्याण

की बात रखी गयी थी। इस दिन बच्चें बड़े प्रसंन रहते है। इस दिन बाल मेला लगता है। इस मेले में बच्चे अपने द्वारा बनाये हुये सामान

की एक प्रदर्शनी लगाते है ।

 

इसीलिये हम कह सकते है बच्चों का मन बहुत पवित्र, निर्मल और कमजोर होता है|उनके समक्ष होने वाली हर छोटी से छोटी बात उनके

दिमाग पर एक अलग ही असर डाल जाती है। इसीलिये हमें बच्चों के सामने सारी बातें हमेशा सोच समझकर करनी चाहिए ताकि उन पर

ऐसी बातों का बुरा प्रभाव न पड़े |

 

यही एक मुख्य कारण है कि बालदिवस के दिन हम बच्चों से जुड़ी हुयी सारी बातें  जैसे उनके संस्कार,शिक्षा, मानसिक सेहत और

शारीरिक विकास सम्बंधित कुछ ऐसे महत्ववपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श करके उनका समाधान निकालते है और बच्चों को सही

शिक्षा व सलाह देना हमारे देश के हर एक भारतवासी का सबसे महत्व्वपूर्ण कर्तव्य बनता है ।

 

भारत में गरीबी होने के कारण हमारे देश के कुछ बच्चों को बहुत कम आय देकर उनसे कड़ी मेहनत करायी जाती है। उन नन्हे से

बच्चों को काम करने के लिये  मजबूर भी किया जाता है जिसकारण वे आधुनिक शिक्षा से वंचित रह जाते है और इसतरह वो अन्य

 

बच्चों से पिछड़े जाते है ।बालदिवस के दिन हम उन सभी बच्चों को आगे बढ़ाने के लिये वो सारे प्रयास करते जो हम कर सकते है।

अंत में, मैं  सबसे से यह कहना चाहती हूँ, कि देश के बच्चों को उनकी पूरी शिक्षा मिलना चाहिए जिस पर उनका अधिकार है । जब

भारत का हर एक नागरिक इस बात को पूर्ण समझदारी और जिम्मेदारी से निभायेगा तो उन बच्चों की उन्नति को कोई नहीं रोक

सकता है । बाल दिवस का उत्सव उनके भविष्य को साकार बनाने के विषय में एक सबसे अच्छा और पवित्र कदम है।

 

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