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बेखबर, बेसबब, बेवजह जीना हिंदी शायरी Sad Hindi Poetry

बेखबर, बेसबब, बेवजह जीना हिंदी शायरी

Sad Hindi Poetry

बेखबर, बेसबब, बेवजह जीना अच्छा नहीं लगता Sad Hindi Poetry

बेखबर, बेसबब, बेवजह जीना अच्छा नहीं लगता Sad Hindi Poetry

बेखबर, बेसबब, बेवजह जीना अच्छा नहीं लगता

अब कोई ख्वाव देखूँ सच्चा नहीं लगता

रिश्ते, नाते निभाने का नाम जिन्दगी है

पर क्यूँ अब कोई रिश्ता सच्चा नहीं लगता

 

कब कौन क्या करेगा कुछ ख़बर नहीं

कोई भी इन्सान अब अच्छा नहीं लगता

मंहगी हो गयी है हर एक चीज़ दुनिया में

रिश्ते निभाना अब सस्ता नहीं लगता

 

मुकर्रर हो गया है वक़्त जब मरने का

टुकड़ों टुकड़ों में जीना अच्छा नहीं लगता

 

मैंने ख्वावों को बिखरते देखा तन्हाई में

दुनिया की महफ़िलों में अब मेरा दिल नहीं लगता

 

 

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Comments

  1. Hi mam
    Bahut khubdurat Dil ko chuu Gai god bless…

  2. Hi mam
    Aap bahut accha likhtey Haan magar AP kabhi bhi thaknu se jyada nahi likha kabhi readers ko do shbd jyada Likhna chahiye

    • Thank you for appreciate me and encourage me. I will try to write better quality content which can help people in their daily life.

      Must say thanks for reading my blog. I am writing because I have good readers like u.
      All the best for your bright future.
      Thanks again…

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