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सच्ची मित्रता पर प्रेरणादायक कहानी Motivational Hindi story on Friendship

सच्ची मित्रता पर प्रेरणादायक कहानी

Motivational Hindi story on Friendship

सच्ची मित्रता पर प्रेरणादायक कहानी Motivational Hindi story on Friendship

सच्ची मित्रता पर प्रेरणादायक कहानी Motivational Hindi story on Friendship

बहुत पुरानी बात है एक आश्रम था उसमे कई छात्र थे । गुरूजी नित्य नई शिक्षा अपने छात्रों को दिया करते थे।

एक दिन उनके कुछ छात्र उनके पास आये उन्होंने उनसे प्रश्न किया गुरूजी धन, कुटुंब और धर्म इन तीनो में हमारा सच्चा सहायक कौन है ।

गुरूजी ने कहा इस प्रश्न का जवाब मै बाद में दूँगा पहले मैं आप लोगों को एक कथा सुनाता हूँ।

एक व्यक्ति था, उसके तीन  मित्र थे जिनमें से एक सबसे प्रिय था, जिसके साथ वह सबसे ज्यादा समय बिताता था। दूसरा मित्र जो था, उसके  साथ उसकी घनिष्टता थोड़ी कम थी, उसके साथ वह पहले मित्र से थोडा कम समय बिताता था।

तीसरा मित्र तो बिलकुल उपेक्षित था। उसके साथ वक्त बिताना तो दूर वह उससे कभी कभी मिलता था।

एक बार वह व्यक्ति किसी मुसीबत में फँस गया। उसे राज दरबार में बुलाया गया। वह थोड़ा घबरा गया, उसे अकेले जाने में डर लग रहा था ।मुसीबत के वक्त उसे अपने मित्रों की याद आयी, उसने सोचा कि मैं अपने किसी मित्र को साथ ले जाता हूँ।

वह अपने पहले मित्र के पास गया लेकिन उसने उसके साथ जाने से मना कर दिया।

वह दूसरे मित्र के पास गया। मगर दूसरे ने भी व्यस्तता  के कारण वहां जाने से इंकार दिया।

उसने कहा- अगर कोई और मदद चाहिये तो वो अवश्य करेगा।

दोनों मित्रों से न सुनकर वह व्यक्ति निराश हो गया।

निराश होके वह तीसरे मित्र के पास पहुंचा, तीसरे मित्र ने उसकी पूरी बात सुनी और मदद करने के लिये तैयार हो गया तीसरा व्यक्ति उसके साथ राजदरबार में गया। राजदरबार में उसने अपने मित्र का पक्ष रखा और संकट से बचाकर वापस ले आया।

कथा पूरी होने के बाद गुरूजी ने तीनो मित्रों के प्रतीकात्मक अर्थ बताये शिष्यों –पहला मित्र धन है, जिसे सबसे परमप्रिय माना जाता है ,लेकिन वह मृत्यु के बाद एक कदम भी साथ नहीं चलता।

वहीं दूसरा मित्र आपका कुटुंब है, जो कि यथासंभव सहायता तो करता है, लेकिन उसका सहयोग शरीर रहने तक ही होता है।

तीसरा मित्र जो है। वह धर्म है जो इस लोक और परलोक दोनों में साथ होता है, जिसके प्रति हम हमेशा उपेक्षा का भाव रखते है लेकिन, वही हमें स्थायी सुख व शांति प्रदान करता है।

इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि हमें अपने जीवन में सभी को महत्व देना चाहिए। सिर्फ धन ही महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे जीवन में धन का महत्व सिर्फ उतना ही है जितनी हमें जरुरत है। लेकिन हम धन को ही सबकुछ मान लेते हैं और सही तरीके से जीना भूल जाते हैं। 

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Comments

  1. bahut achhi story share ki hai priyanka g
    maine aapko guest post ki thi aapne koi reply nahi diya

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