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अल्फाज़ों से कहाँ बयाँ होते हैं Khamoshi Hindi shayari

अल्फाज़ों से कहाँ बयाँ होते हैं

Khamoshi Hindi shayari

अल्फाज़ों से कहाँ बयाँ होते हैं Khamoshi Hindi shayari

अल्फाज़ों से कहाँ बयाँ होते हैं Khamoshi Hindi shayari

अल्फाज़ों से कहाँ बयाँ होते हैं दिल के जज़्बात

वर्ना फिर इन खामोशियों की क्या विसात

 

कुछ बातें दिल से दिल की भी तो होती हैं

बिन बात आखें बस यूँ ही रोती हैं

 

बस आँखे दिल का हाल बयाँ करती हैं

अल्फाज़ों पे सौ सवाल खड़े करती हैं

 

इतनी खामोश भी नहीं होतीं ये खामोशियाँ

बहुत कुछ बयाँ करती हैं इनकी नजदीकियां

 

एक अजब सा सुकून मिलता है  इनके साथ

जीत पाना इनसे अल्फाज़ों के बस की नहीं बात

 

कभी सोचना गहराईयों से एक बात

कुछ लोग बस यूँ ही करीब होते हैं

 

बात हो न हो दिल को अज़ीज़ होते हैं

ये खामोशियाँ करती हैं दिल से दिल की बात

 

 

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Comments

  1. खामोशियाँ भी बहुत कुछ बयां करती हैं:)

    सुन्दर रचना.

  2. priyanka talekar says:

    true lines…….. kuch log dil ko ajij hote hai bat ho na ho

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