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ज्ञान की सीमा नहीं होती । Inspirational Hindi Story of Knowledge

ज्ञान की सीमा नहीं होती ।

Inspirational Hindi Story of Knowledge

ज्ञान की सीमा नहीं होती । Inspirational Hindi Story of Knowledge

ज्ञान की सीमा नहीं होती । Inspirational Hindi Story of Knowledge

एक बहुत पहुंचे हुये बड़े विद्वान थे उनके बहुत से शिष्य थे परन्तु उनका एक शिष्य ज्ञान के

लिये बड़ा जिज्ञासु प्रवत्ति का था। वह हमेशा अधिक से अधिक ज्ञान पाने के लिये  प्रयत्नशील

रहता था।

 

एक दिन उसने अपने गुरुजी से एक प्रश्न किया- गुरुजी क्या आपको समस्त ज्ञान प्राप्त है। गुरूजी ने

उसको बोला नहीं वत्स, ज्ञान की तो कोई सीमा नहीं होती है|जितना भी सीखो कम ही होता है। वह

तो अपार है।

 

वैसे भी कोई एक व्यक्ति अकेला दुनिया का समस्त ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता है। आप पूरी उम्र भी सीखो

तब भी ज्ञान न खत्म होने वाली चीज है  लेकिन उनका शिष्य तो हठ ही कर बैठा और बोला– गुरूजी, चाहे

कुछ भी हो जाये , मैं तो दुनिया का समस्त ज्ञान प्राप्त करने का इच्छुक हूँ।

 

आप मुझ पर अपनी कृपा कर दीजिये। गुरूजी ने उसे बहुत समझाने की कोशिश की, कि पूरे विश्व का ज्ञान

प्राप्त करना तो संभव नहीं है , पर शिष्य तो अपनी बात से पीछे हटने को तैयार ही नहीं था वह अड़ा रहा कि

वह ज्ञान तो पाना चाहता है ।

 

तब गुरूजी ने कुछ देर विचार किया और फिर उसे अपने साथ लेकर संसार के ज्ञान भण्डार दिखाने चल दिये।

शिष्य, गुरूजी की कृपा से कृतज्ञ हो गया। वह उन ग्रुन्थों को पढ़ने में लग गया| बरसों बीत गये, पर लगातार

पढ़ते रहने पर भी अनगिनत ग्रुन्थ शेष रह जाते थे।

 

उधर गुरूजी भी बृद्ध हो चले, पर शिष्य है कि उसकी ज्ञान पिपासा शांत ही नहीं होती थी। आखिरकार एक

दिन गुरूजी मृत्यु शैया पर जा पहुंचे। शिष्य ने उनका अंत देख बड़े दुःख भरे शव्दों में कहा- गुरूजी आप

ऐसे चले जायेंगे तो मुझे शेष बचे हुये ज्ञान- ग्रुन्थों से कौन परिचय करायेगा।

 

ज्ञान की असली पहली पहचान

तब गुरूजी ने अपने शिष्य को ज्ञान भण्डार का एक रहस्य बताते हुये कहा- वत्स, तुमने अब तक जो ज्ञान

प्राप्त किया है वह तो कुछ विशेष नहीं था। इन ग्रुन्थों से करोड़ों गुना ज्ञान तो इस संसार में ऐसे ही बिखरा

पड़ा है हमेशा याद रखों, व्यवहारिक स्तर पर प्राप्त ज्ञान ही सर्वोपरि होता है। ज्ञान तो अपार है।

 

उसे कितना ही प्राप्त करो, कम ही है वस्तुतः ज्ञान की कोई सीमा नहीं है। इस कहानी से हमें यह शिक्षा

मिलती है कि हमें हठ नहीं करना चाहिये और आपसे से बड़े की हमेशा बात मानना चाहिये क्योंकि हठ

से पायी हुई चीज से हमें कभी ख़ुशी नहीं मिलती है जिसप्रकार शिष्य द्वारा प्राप्त किया गया हठ का ज्ञान

कभी समाप्त ही नहीं हो रहा था।

 

 

MUST  READ

ज्ञान का सही उपयोग 

सीखते रहना ही ज़िंदगी है 

अच्छी बातों को जीवन में उतारें 

 

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Comments

  1. bahut badhiya baat hai kahani ke roop me.. padh ke achha laga… nice blog

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