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रुडोल्फ डीजल की लगन Hindi story of Rudolf diesel

रुडोल्फ डीजल की लगन

Short Hindi story of Rudolf diesel

रुडोल्फ डीजल की लगन Hindi story of Rudolf diesel

रुडोल्फ डीजल की लगन Hindi story of Rudolf diesel

बहुत पुरानी बात है। एक बार एक किशोर जो मात्र 14 वर्ष का था, उसने अपने माता पिता को एक पत्र लिखा। उसने उस पत्र में लिखा कि वह इंजीनियर बनना चाहता है। उस बालक ने जर्मनी में अपनी पढ़ाई पूरी की। उसे नए- नए शोध और आविष्कार करने में बहुत रूचि थी। हर इंसान इस बालक की रूचि देखकर चकित रह जाता था।

पढ़ाई पूरी करने के बाद उसका अधिकांश समय आविष्कारों के लिए शोध व  नये-नये प्रयोग करने में ही निकलने लगा। काम के प्रति उसका समर्पण देखकर सभी हैरान थे। एक दिन उसकी वर्क शॉप जहाँ वह काम करता था, अचानक इंजन में बहुत जोर से विस्फोट हुआ। इस विस्फोट से में उसकी बहुत सारी महत्वपूर्ण चीजें जल गईं। वह खुद भी घायल हो गया था। सारा वर्कशॉप क्षतिग्रस्त हो गया था।

उसे  काफी लम्बे समय तक इलाज़ के लिए अस्पताल में रहना पड़ा। इतने बड़े हादसे के बाबजूद न तो उसके चेहरे पे न कोई शिकन थी, न कोई डर। मायूसी निराशा और हार जैसी चीज़ों को उसने अपने आसपास भी नहीं फटकने दिया। उसने अपनी हिम्मत को बनाए रखा। वह हारा नहीं।

स्वस्थ होने बाद उसने फिर से अपना काम शुरू करने की इक्षा जताई। पूरे उत्साह, मेहनत और लगन के साथ फिर से अपने काम में जुट गया। काम के प्रति उसकी लगन और  समर्पण भाव देखने लायक था। उसके बाद उसने कई सफल आविष्कार किये। कई भाप इन्ज़नों के  डिज़ाइन तैयार किये। उसके सभी अविष्कारों  में डीजल इंजन प्रमुख था। इस महान इंजीनियर का नाम रुडोल्फ डीजल था।

उन्होंने डीजल का आविष्कार करके सारी दुनिया को एक नई रफ़्तार दी। रुडोल्फ डीजल ने डीजल का अविष्कार करके उद्योगों और परिवहन को एक नई दिशा दी।

रुडोल्फ डीजल आज भी सारी दुनिया और नई पीढ़ी के लिए आज भी प्रेरणा स्रोत हैं।

 

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Comments

  1. Hi
    Apko lagta Haan mam in stores se kissi ko inspiration miltii Hogi mujha multi haa great thnks again

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