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आखें मूंद कर भरोसा न करें Hindi moral story

आखें मूंद कर भरोसा न करें

Hindi moral story

आखें मूंद कर भरोसा न करें Hindi moral story

आखें मूंद कर भरोसा न करें Hindi moral story

बहुत पुरानी बात है एक राजा थे, जिनका नाम यशकीर्ति था उनकी एक आदत थी, कि वह हर रात्रि भेष बदलकर भ्रमण करने निकलते थे. भ्रमण करते हुए उन्होंने देखा कि कुछ युवक आपस में मिलकर एक खेल खेल रहे हैं।

उन्होंने देखा उनमें से एक युवक राजा बना हुआ था, बाकि सब सभासद के रूप में बैठे थे। युवक उन युवकों से जो सभासद बने हुए थे बोला-

सभासदों जिस राज्यों के कर्मचारी सदैव वैभव विलास में डूबे रहते हों, उनका राजा कितना भी नेक हो, कितना भी प्रजा की भलाई चाहता हो, वहाँ की प्रजा खुश नहीं रह सकती। राजा यशकीर्ति के सभासद जो भूल कर रहे हैं, वह तुम मत करना।

राजा यशकीर्ति वहीँ चुपचाप खड़े सब सुन रहे थे। यशकीर्ति उस युवक के विचारों से इतने प्रभावित हुए उस युवक को अपने साथ ले आये और उसे अपना महामंत्री बना लिया।

उस युवक का नाम सुकेश था। वह लकड़हारा था.वह महल में अपने साथ एक कुल्हाड़ी, बिछौना, और अंगौछा भी लाया था। उसने महल आते ही समस्त सामंतों, मंत्रियों के लिए एक सख्त आचार संहिता बनाई। उस दिन से सभी कर्मचारियों को दिन में दस घंटे काम करना पड़ता था।

कुछ ही समय में सभी सभासद सुकेश से परेशान हो गये क्यूंकि अब उनकी मनमानियां नहीं हो पा रहीं थी। कुछ सभासद सुकेश के पीछे पड़ गये. सभासदों को पता चला कि उसे जो आवास मिला है, वहाँ एक कक्ष है जहाँ कोई नहीं जा सकता। उन लोगों ने राजा से इस बात की शिकायत की। राजा ने खुद महामंत्री के आवास का दौरा किया।

सुकेश ने तुरंत उस कक्ष का दरवाज़ा खोला और राजा को आमंत्रित किया। मगर अन्दर जाते ही राजा के सिपाहियों को कुछ नहीं मिला वहाँ सिर्फ कुल्हाड़ी, बिछौना और अगौंछा रखे थे।।

राजा या कोई और उससे कुछ कहता उसके पहले ही वह उसने अपनी तीनों चीज़ें उठाई और बोला कि अब मेरा यहाँ कोई काम नहीं है।

राजा यशकीर्ति कुछ नहीं कह पाए। अपने सभासदों के षडयंत्र के चलते हाथ मलते रह गए।

इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि हमें दूसरे के कहने पर आँख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। अपनी बुद्धि और विवेक का भी इस्तेमाल करना चाहिए। अगर आप एक लीडर हैं तो, सिर्फ आपका अच्छा होना ही काफी नहीं हैं, आपके अन्दर वो  सभी गुण होना चाहिए जो एक लीडर में होते हैं।

 

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Comments

  1. बहुत ही सही बात कही प्रियंका जी आपने
    क्यू की आँख बंद करके भरोषा करने वाले ही अक्सर धोखा खाते है
    Thanks for Sharing A Achhi Advice.

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