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हेलेन केलर की प्रेरणादायक जीवनी । Helen keller Biography in Hindi

हेलेन केलर की प्रेरणादायक जीवनी

Helen keller Biography in Hindi

हेलेन केलर की प्रेरणादायक जीवनी । Helen keller Biography in Hindi

हेलेन केलर की प्रेरणादायक जीवनी । Helen keller Biography in Hindi

हेलेन केलर का जन्म 27 जून 1880 को अमेरिका के अलाबामा राज्य टसकम्बिया में  हुआ था। वे अमेरिका

की प्रमुख लेखिका, शिक्षिका और एक प्रसिद्ध राजनितिक कार्यकर्ता थी। हेलेन केलर के पिता जी का नाम

आर्थर केलर था, जो कि आर्मी में कप्तान थे और माता जी का नाम केट अडम्स था।

 

सन 1882 में छोटी सी उम्र में  बेहद बीमार पड़ गयी थी जिससे आपके सुनने,बोलने और देखने की शक्ति

नष्ट हो गयी थी। जब वह थोड़ी और बड़ी हुयी तो उनकी दोनों आँखे भी काँच की आँखों से बदलनी पड़ी  जब

हेलेन केलर 7 साल की हुई तो उनकी मुलाक़ात ऐनी सुवेलिन से हुई जो उनकी शिक्षिका बनी।

 

वह एक समझदार और मेहनती महिला थी, उन्होंने अपनी दृढ़ता से विश्व में अपना नाम में रोशन किया। वह पहली

महिला थी जिन्होंने बी.ए. की डिग्री हासिल की थी।

 

प्रारंभिक जीवन :

उनके पिता को हम कप्तान केलेर के नाम से जानते है। उनके पिता का अपना खुदका एक कॉटन का एक

प्लांटेशन भी था। हेलेन केलेर अपने माँ बाप की लाड़ली बेटी थी बहुत कम उम्र में जब वह 19 महीने की थी तो

उनको बुखार आया और बीमार पड़ने के कारण उनकी बोलने और सुनने की क्षमता नष्ट हो गयी थी।

 

जिस कारण उनके माँ बाप बहुत परेशान थे, कि अब उनकी बेटी का क्या होगा ? उनके घर में उनकी एक

खाना बनाने वाली लड़की हेलेन की एक लौती सहेली जो उनके साथ उनकी इशारे वाली भाषा में उनसे

बात किया करती थी ।

 

जब वह केवल सात साल की थी तब उनकी मुलाकात ऐनी सुलेविन से हुई,जो कि उनकी शिक्षिका भी

थी और बाद में आगे जाकर वे उनकी बहुत अच्छी सहेली भी बन गयी।

 

हेलेन की शिक्षा :

हेलेन को उनके माता पिता ने कई डॉ. को भी दिखाया पर उनको किसी भी डॉ. की दवा से आराम नहीं मिला।

एक सुबह की बात है जब सबह-सुबह  हेलेन की माँ अपने घर में बैठकर अखबार पढ़ रही थी तभी अचानक

उनकी नज़र एक विज्ञापन पर पड़ी जिसमें मूक और बधिर की शिक्षा के बारे में दिया गया था।

 

उस विज्ञापन को पढ़कर उनको लगा शायद अब सब ठीक हो जायेगा और उनकी बेटी भी अब अन्य बच्चों की

तरह पढाई कर पायेगी वह  तुरंत ही अपने पति से इस बारें में बात की और तब केप्टन केलेर ने पारकिन्स संस्था

में जाकर बात की और वहां अनुरोध किया कि वे उनकी पुत्री को घर पर आकर शिक्षा दे।

 

तब एनी के द्वारा उनको शिक्षा दी गयी। हेलेन ने एक दिन में 60 शब्द सीखे और 6 महीने में वे लगभग 625

शब्दसीख चुकी थी इसतरह एनी ने हेलेन को कॉल ब्रेल लिपि की सहायता से पढ़ना सिखाया और उनको आगे

मार्गदर्शन किया ।

हेलेन की उपलब्धियां :

हेलेन ने 12 किताबे लिखी जिसमें एक उनकी खुदकी जीवनी भी थी। हेलेन ने 40 देशों का दौरा भी किया उन्होंने

अपना पूरा जीवन दूसरों की सेवा में निकाल दिया।उन्होंने Prsidantal Medal Of Freedom  Award भी प्राप्त किया। 

हेलेन मूक और बधिर लोगों के लिये साहस का प्रतीक बनी।

हेलेन महिलाओं और गरीबों के लिए एक अधिवक्ता के सामान थी वे हमेशा सबकी मदद किया करती थी।

 

वे बलश्रम के खिलाफ थी। हेलेन केलेर की मृत्यु 1 जून 1968 को हुई उनकी मृत्यु के कुछ दिन पहले ही उनका

88 वा जन्मदिन था।

 

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