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प्रकृति की सुन्दरता पर निबंध । Essay on nature in Hindi । प्रकृति निबंध

प्रकृति की सुन्दरता पर निबंध । Essay on nature in Hindi । प्रकृति निबंध

प्रकृति की सुन्दरता पर निबंध । Essay on nature in Hindi । प्रकृति निबंध

प्रकृति की सुन्दरता पर निबंध । Essay on nature in Hindi । प्रकृति निबंध

हमारे संसार में बहुत से पशु-पक्षी पेड़-पौधे, नदी, झरने,पहाड़ आदि  है।

इन  सभी के कारण हमारी पृथ्वी की सुंदरता बनी हुयी है | पृथ्वी पर कई जाति के  पक्षी पाये जाते है।

 

क्या आपको पता है, कि सब एकदूसरे पर किसी न किसी तरह निर्भर है, सब

एकदूसरे को पूरा करते है । क्या आपने कभी सोचा है, बिना आसमान के

जमीन अधूरी है, बिना शाम के सबेरा, बिना चाँद के सूरज इस बात से पता

चलता है, कि सब एकदूसरे के पूरक ही तो है।  हम कही भी जाते है। हमें पेड़,

चिड़ियाँ और नदी सभी प्राकृतिक संसाधन दिखाई दे ही जाते है।

 

क्या आप जानते है ? जब अनेकों  रंग की बहुत सी चिड़ियाँ एक साथ झुंड बनाकर जब आसमान में उड़ती हैं

तो ऐसा लगता कि मानों  हम भी उन्ही के साथ स्वतंत्र होकर हवा के साथ बह रहे है। और हमने पूरे संसार को

अपने रंग में रंग दिया है। जब ये उड़ती है, तो आसमान भी हजारों रंग भी भीगा हुआ नज़र आता है।

 

हम कह सकते है-

“प्रकृति की काया कितनी सुंदर है, जिस पर ठहरा ये अम्बर है ”

जब कभी भी हम पक्षियों को चहचहाते हुये सुनते है, तो हमारे मन में एक अजीब सी ख़ुशी पैदा हो जाती है ।

उनकी आवाज़ हमारे कानों में मिसरी सी घोल देती है। क्या आप जानते हैं  ये रंग कहा से आये है जी हाँ ये रंग

तो हमें फूलों ने ही दिये है इसके अलावा फूलों ने हमें खुशबू भी प्रदान की है।

 

कई प्रजाति के फूल होते है, कुछ तो जमीन में लगते है कुछ पानी में पनपते हैं, तो कुछ तो सूखे प्रदेशों में

भी लगते है । कुछ फूल तो ऐसे है जो केवल रात में ही खिलते हैं  और अपने चारों तरफ कुछ दूरी में अपनी

खुशबू से लोगों का मन मोह लेते है। जैसे ही सुबह होती है यह सारे फूल झड़ जाते है। इसका नाम हैं रातरानी है।

 

कुछ फूल तो केवल सूरज निकलने पर ही खिलते है। और ये देखने में भी सूरज की तरह पीले होते है ।और शाम

होते ही ये बंद हो जाते है, और अगले दिन फिर सूरज के निकलने पर ही खिलते है। इन फूलों का नाम भी सूरज

के नाम पर ही है सूरजमूखी।

 

हमारे देश में कई नदी, तालाब, झरने, पोखर, बांध और समुद्र है। इसके  बाबजूत कुछ छोटे-छोटे पानी के साधन

मनुष्यों ने बनाये है। ये सभी पानी के साधन हमारे खेतों में पानी की पूर्ति करते है और इससे हमारे खेतों में

हरियाली होती है और हमें पीने के लिये पानी की पूर्ति भी इन्ही से होती है ।

 

जल से हमारे भोजन की कमी पूरी होती है। हम सभी इस बात को जानते है कि बिना पानी के हम जीवित नहीं

रह सकते है। पेड़ जो कि हमें फल, सब्जी, फूल आदि देते है ये सब भी पानी पीते है, इस सब के अलावा पेड़

हमें सांस लेने के लिये ऑक्सीजन भी देते है और हम जो सांस छोड़ते है।

 

वो कार्बनडाईआक्साइड गैस पेड़ पौधे गृहण कर लेते है। इस प्रकार पेड़ पौधे भी हमारे लिए बहुत उपयोगी है।

अगर प्रकृति से पेड़-पौधे ख़त्म हो जाये तो हम जीवित नहीं रह पाएंगे। इन सब वृक्ष में एक ऐसा भी वृक्ष है जो

हमारी तरह ऑक्सीजन गृहण करता है। उसका नाम पीपल है।

 

इन सब बातों से हमें पता चलता है। प्रकृति के बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं है।इसलिये पेड़-पौधों लगाये और

जल बर्बाद न करें। यह  हमारी प्रकृति का सबसे मूल्यवान उपहार है जो भगवान ने हमें प्रदान किया है अब हमें इसकी रक्षा करनी है।

 

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