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घमंड उन्नति में बाधक हिंदी कहानी । Best Motivational Hindi Story On Progress

घमंड उन्नति में बाधक हिंदी कहानी ।

Best Motivational Hindi Story On Progress

 Best Motivational Hindi Story on Progress

Best Motivational Hindi Story on Progress

एक प्रसिद्द चित्रकार था वह अपनी चित्रकारी में पारंगत था ।

उसने अपने पुत्र पुत्र को भी चित्रकारी सिखाई ।

उसका पुत्र जल्द ही एक अच्छा चित्रकार बन गया।

वह बहुत ही सुंदर चित्र बनाने लगा ।

 

उसका पिता हमेशा अपने बेटे के चित्रों में कोई न कोई कमी हमेशा निकाल देता था ।

चित्रकार कभी भी अपने पुत्र की दिल खोलकर सराहना नहीं करता था ।

पर शहर के सभी लोग उसके बेटे की चित्रकारी से बड़े खुश थे

चित्रकार के बेटे द्वारा बनाए गये चित्रों की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ने लगी ,

फिर  भी उसके पिता के व्यवहार में कोई भी परिवर्तन नहीं आया।

एक दिन चित्रकार के बेटे को एक युक्ति सूझी और उसने अपने पिता के पास

उनके एक मित्र से अपने हाथ से बनी तस्वीर भेजी ।

उसके पिता ने सोचा यह चित्र उसके दोस्त ने बनाया है ।

वह उस चित्र की बहुत बढाई की ।

अचानक वहां से उसका पुत्र निकल आया और कहने लगा ,

पिता जी यह चित्र मैंने बनाया है।

आखिरकार मैंने ऐसा चित्र बना ही दिया जिसमें आप कोई कमी न निकाल पाये ।

तभी उसका पिता कहने लगा बेटा इस बात की गांठ बांध लो कि अभिमान,

उन्नति के सारे रास्ते बंद कर देता है।

आज तक मैंने कभी भी तुम्हारे चित्रों की प्रसंसा नहीं की सदा ही तुम्हारी कमियां निकाली

 घमंड पर कहानी

इसीलिए आज तुम इतने अच्छे चित्र बनाते हो ।

अगर मैंने एक बार भी तुमसे कह दिया होता कि ये चित्र बहुत अच्छा  बना है।

तो उसी समय तुम्हारी प्रगति रुक जाती और तुम कोशिश करना छोड़ देते

और तुम सोचते कि मैं अपनी कला में निपुण हो चुका हूँ,

 

 

जबकि कोई भी काम को सीखने की कोई सीमा नहीं होती है।

सीखने के लिये तो एक उम्र भी पूरी नहीं है

इसीलिए कोशिश करने से हमारी प्रगति होती है

और हम अपने काम में पारंगत होते चले जाते है ।

बेटे में तो इस उम्र में भी अपने आपको पूर्ण नहीं मानता हूँ।

इसीलिए भविष्य से हमेशा ही सावधान रहना चाहिये ।

यह सब सुनकर चित्रकार के पुत्र का सिर शर्म से झुक गया ।

वह बहुत लज्जित हुआ औए उसने पिता से माफ़ी मांगी

कहने का आशय यह है कि हमें भी उस चित्रकार से सीख लेनी चाहिए ।

और कभी भी अपने हुनर का घमंड नहीं करना चाहिये|

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिल्री है,

कि हमें कभी भी किसी भी हुनर का घमंड न करते हुये

हमेशा सीखने के लिए अग्रसर रहना चाहिये ।

 

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